15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस भाषण
सभा में उपस्थित माननीय अतिथिगण, शिक्षकगण, अभिभावक और मेरे प्यारे दोस्तों,
आज हम सभी यहाँ एक बहुत ही खास अवसर पर इकट्ठा हुए हैं - हमारे देश का 77वाँ स्वतंत्रता दिवस। 15 अगस्त 1947 का वह ऐतिहासिक दिन, जब भारत ने 200 साल की अंग्रेजों की गुलामी से आज़ादी पाई और अपना तिरंगा गर्व से लहराया। यह दिन हमें उन लाखों वीरों की याद दिलाता है, जिन्होंने अपना खून बहाकर, अपनी जान कुर्बान कर हमें यह आज़ादी दिलाई।
महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई, सरदार पटेल जैसे अमर शहीदों के बलिदान को हम कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने हमें सिखाया कि "स्वतंत्रता कभी भी मुफ्त में नहीं मिलती, उसके लिए संघर्ष करना पड़ता है।"
लेकिन क्या सिर्फ़ आज़ादी पाना ही काफी है? नहीं! हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम इस आज़ादी की रक्षा करें और देश को और भी मजबूत बनाएँ। आज हमारा देश विज्ञान, तकनीक, खेल और अर्थव्यवस्था में तरक्की कर रहा है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। भ्रष्टाचार, प्रदूषण, गरीबी और अशिक्षा जैसी चुनौतियों से लड़कर हमें भारत को विश्वगुरु बनाना है।
हम सबका कर्तव्य है कि हम अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझें। छोटी-छोटी चीज़ों से शुरुआत करें - साफ-सफाई रखें, ईमानदार बनें, महिलाओं का सम्मान करें, शिक्षा को महत्व दें और देश के प्रति अपना योगदान दें।
आइए,आज हम शपथ लें कि हम "भारत को एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट राष्ट्र बनाने के लिए काम करेंगे।"
जय हिंद! जय भारत!
वंदे मातरम्!
धन्यवाद!
(इस भाषण को आप अपने स्कूल, कॉलेज या सामाजिक कार्यक्रम में प्रयोग कर सकते हैं।)
विडियो के रूप मे देखिये -
