हमें कमजोर समझने की भूल मत करना

Hindikunj
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हम लड़कियां हैं


हमें कमजोर समझने की भूल मत करना,  
हमारे हौसलों को कम आंकने की भूल मत करना।  
हम ख़ामोश हैं, तो इसका अर्थ यह नहीं,  
कि हमारे भीतर कोई आवाज़ नहीं।

हम आँधियों में भी चलना जानती हैं,  
गिरकर फिर संभलना जानती हैं।  
मुश्किलें चाहे कितनी भी राह में आए,  
हम अपने सपनों से मुंह नहीं मोड़तीं।

हमें दया नहीं, अपने हुनर की पहचान चाहिए,  
हमारे सपनों को भी खुला आसमान चाहिए।  
हम लड़कियां हैं, हममें भी उड़ान भरने का दम है,  
अपनी मेहनत से पहचान बनाएँ, यही हमारा संकल्प है।

- कविता बिष्ट
जौना स्टेट, उत्तराखंड
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गुड़िया की शादी

हम लड़कियां हैं
हिमानी
मैगड़ी स्टेट, उत्तराखंड

गुड़िया से खेलने की उम्र थी अभी,  
कि खुद गुड़िया बनाकर विदा कर दी गई।  
जिस उम्र में किताबों से दोस्ती करनी थी,  
उसी उम्र में शादी के बंधन में बांध दी गई।

बस्ता रह गया पीछे, छूट गई पढ़ाई,  
जिस उम्र में साइकिल चलानी थी, डोली में बिठाई।  
मंडप छोटा था, सपने उससे भी छोटे,  
उम्र थी नन्ही-सी, फैसले बहुत बड़े।

जिसे चाँद-सितारे गिनने थे रात भर,  
उस पर डाल दिया गया गृहस्थी का बोझ।  
जो खुद अभी दुनिया को समझ रही है,  
उसे माँ बनने की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

यह कैसी रीत है, जो लड़की का बचपन छीन लेती है?
उससे पढ़ने और जीने का अधिकार छीन लेती है।
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दोस्ती

कविता
कक्षा 12वीं  
जगथाना, उत्तराखंड

दोस्ती केवल साथ रहने का नाम नहीं,  
हर ग़म में मुस्कुराने का एहसास है।  
तेरे दुख में मेरा दिल उदास हो जाए,  
तेरी खुशी में मेरी खुशी का वास है।

न खून का रिश्ता, न कोई बंधन,  
फिर भी कितना गहरा है दोस्ती का बंधन।  
गिर जाऊँ तो हँसकर उठाता है,  
मन उदास हो तो दोस्त ही साथ निभाता है।

पैसों से कहाँ मिलती है ऐसी दौलत,  
इस रिश्ते की न कोई कीमत, न मोल।  
कुछ दोस्त खून के रिश्तों से भी बढ़कर होते हैं,  
सच्चे दोस्त ही जीवन का अनमोल धन होते हैं।
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लड़की को जीने दो

भावना रावल
कक्षा 12वीं  
सैलानी, उत्तराखंड

लोग कहते हैं, लड़की हो, कम हँसा करो,  
हर दर्द को दिल में दबाकर जिया करो।  
कपड़ों से लेकर हँसी तक पर पहरा क्यों है?  
मेरी पसंद से दुनिया को परेशानी क्यों है?

मेरी हंसी मेरी खुशी है, मेरे आँसू मेरा दर्द,  
मेरे सपनों पर क्यों लगाई जाती हैं बंदिशें हर बार?  
मैं लड़की हूँ, कोई गलती नहीं,  
मेरी आजादी कोई ज़िद नहीं।

मेरी भी पसंद है, मेरे भी अरमान हैं,  
मेरी आँखों में भी खुला आसमान है।  
मुझे कमजोर न समझो, मेरी खामोशी को हार नहीं, 
मुझे अपनी तरह जीने दो, मेरा भी यह अधिकार है।

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